जब नशा बन गया पहाड़ी प्रदेश का डर — एक लोक-गायक के गीत से फिर जागी चेतना
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा (हेरोइन आधारित ड्रग) के बढ़ते जाल ने हजारों परिवार तबाह कर दिए हैं। पहाड़ी समाज की अस्मिता तक खतरे में पड़ चुकी है। ऐसे में हिमाचल के लोकप्रिय लोक-गायक Karnail Rana का नशा-विरोधी गीत इन हालातों का सबसे सटीक आइना बनकर उभरा है।
Karnail Rana पहले भी कई सामाजिक मुद्दों पर गीत गा चुके हैं, लेकिन “चिट्टा” आज के समाज की वो तकलीफ़ है जिसने घर-घर मातम और युवाओं के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है। यही वजह है कि उनका यह गीत सिर्फ एक रचना नहीं — बल्कि चेतावनी, जागरूकता, और समाज से सीधी अपील है।
इस गीत को YouTube और Instagram पर सुनने-देखने वाले लगातार बढ़ रहे हैं। उनका आधिकारिक YouTube चैनल भी उपलब्ध है जहाँ लोग उनके अन्य लोकप्रिय गीत भी सुन सकते हैं।
🔥 कला और सामाजिक चेतना का संगम
हिमाचल सरकार नशे के खिलाफ वॉकाथॉन और अभियानों के जरिए युवाओं को जागरूक कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में एक एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन का नेतृत्व किया और युवाओं को नशा-मुक्त हिमाचल की शपथ दिलाई।
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कानून और प्रशासन के प्रयास ही काफी नहीं — सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर चेतना पैदा करना बेहद जरूरी है। ऐसे में Karnail Rana की आवाज़ पहाड़ों में छिपे दर्द को सामने लाती है, और यही इसे प्रभावी बनाती है।
🎧 “Chitta” — आज के हिमाचली समाज की मुख्य पुकार
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यह गीत नशे से जूझ रहे परिवारों की दास्तान कहता है
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युवाओं को भावनात्मक रूप से रोकने की कोशिश करता है
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समाज को साथ खड़े होकर इस संकट का सामना करने की अपील करता है
इसीलिए इसे आज के समाज का मुख्य गाना कहा जा रहा है।
लोग इस गीत को YouTube और Instagram पर सुन रहे हैं और इसे नशा-विरोधी आंदोलन की आवाज़ के रूप में साझा कर रहे हैं।
✊ अंत में
— पहाड़ों की आवाज़, पहाड़ों के लिए
हिमाचल के पहाड़ कुदरत की पहचान हैं, पर चिट्टा ने उन पर दाग लगा दिया है। इस दाग को मिटाने के लिए सिर्फ कानून ही नहीं — बल्कि हर घर, हर पंचायत, हर युवा की पहल जरूरी है।
और Karnail Rana का गीत यही कहता है —
“नशा नहीं, जीवन चुनो। हिमाचल चुनो।”