Ashwani Bhardwaj / Wed, Nov 29, 2023 / Post views : 169
हालांकि अब तक हिमाचल प्रदेश में इस बीमारी का एक भी मामला नहीं आया है। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के बाद प्रदेश सरकार ने अस्पताल प्रबंधनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने को कहा गया है। ओपीडी में सर्दी, खांसी बुखार निमोनिया से ग्रसित मरीजों के टेस्ट करने के लिए कहा गया है। यह बीमारी बच्चों को अपनी गिरफ्त में लेती है। इन्फ्लूएंजा अन्य पुरानी बीमारियों के लक्षणों को खराब कर सकता है। गंभीर मामलों में इन्फ्लूएंजा से निमोनिया हो सकता है, अन्य चिकित्सीय समस्याओं वाले या गंभीर लक्षण वाले लोगों को चिकित्सकों की सलाह लेनी जरूरी है। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने बताया कि बीमारी को लेकर समय-समय पर अस्पताल प्रबंधन को दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं।
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