Ashwani Bhardwaj / Mon, Mar 9, 2026 / Post views : 218
आज, 9 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में काली घटा छा गई। ग्लोबल टेंशन और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगी आग की वजह से निवेशकों में भारी डर देखा गया।
पिछले 7 दिनों में बाजार की हालत बहुत खराब रही है:
सेंसेक्स (Sensex): पिछले एक हफ्ते में करीब 4,500 पॉइंट्स से ज्यादा टूट चुका है।
निफ्टी (Nifty): इस एक हफ्ते के दौरान निफ्टी ने 1,500 पॉइंट्स से ज्यादा की गिरावट दर्ज की है।
सवा लाख करोड़ का नुकसान: केवल पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन्स में ही निवेशकों की लगभग 30 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई है। मार्च 2026 का यह हफ्ता पिछले एक साल का सबसे बुरा हफ्ता (Worst Week) साबित हुआ है।
आज की गिरावट ने पिछले कई काले दिनों (Black Days) की याद दिला दी है:
23 मार्च 2020 (COVID-19): भारतीय बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट, जब सेंसेक्स एक ही दिन में 3,934 पॉइंट्स गिरा था।
21 जनवरी 2008 (Global Crisis): ग्लोबल मंदी के दौरान सेंसेक्स 1,408 पॉइंट्स गिरा था।
24 अगस्त 2015 (China Crisis): चीन की अर्थव्यवस्था में हलचल के कारण सेंसेक्स 1,624 पॉइंट्स टूटा था।
Note: आज की लगभग 2,300-2,400 पॉइंट्स की गिरावट, पॉइंट के मामले में इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट में से एक बन गई है।
Sensex: 2,235 पॉइंट्स गिरकर 76,705 पर।
Nifty: 672 पॉइंट्स गिरकर 23,778 पर।
India VIX (डर का सूचकांक): यह 20.82% उछल गया है, जिसका मतलब है कि बाजार में अभी और अनिश्चितता बनी रहेगी।
रुपया: डॉलर के मुकाबले 92.31 के अब तक के सबसे निचले स्तर (Record Low) पर पहुंच गया है।
ईरान-इजराइल युद्ध: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है।
कच्चा तेल (Crude Oil): तेल की कीमत $115 प्रति बैरल के पार चली गई है, जिससे भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ेगा और महंगाई बढ़ेगी।
FII की बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से एक ही दिन में हजारों करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।
कुल नुकसान: इस हफ्ते में निवेशकों के 30 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए हैं।
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