Ashwani Bhardwaj / Mon, Apr 13, 2026 / Post views : 72
ऊना/हिमाचल प्रदेश:
पंचायत चुनावों की आहट होते ही चुनावी रण अब गलियों से ज्यादा सोशल मीडिया के गलियारों में नजर आने लगा है। वक्त बदल रहा है और इसके साथ ही चुनावी प्रचार के तरीके भी पूरी तरह हाईटेक हो गए हैं। कभी जो उम्मीदवार घर-घर जाकर हाथ जोड़ते थे, अब वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेसबुक के जरिए वोटर्स के दिलों में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
गांवों की राजनीति में अब 'पोस्टर वॉर' का नया रूप देखने को मिल रहा है। उम्मीदवार अब साधारण फोटो के बजाय AI से तैयार किए गए चमकदार और आकर्षक पोस्टर्स का सहारा ले रहे हैं। इन पोस्टर्स में उम्मीदवार को किसी बड़े विजनरी लीडर की तरह पेश किया जा रहा है, जिससे युवा वोटर्स काफी प्रभावित हो रहे हैं।
अब चुनावी चौपालें फेसबुक लाइव और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सज रही हैं। अपनी बात पहुंचाने के लिए उम्मीदवार अब पैदल चलने के बजाय अपनी उपलब्धियों और वादों को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
कम लागत, ज्यादा पहुंच: प्रिंटिंग के भारी खर्च से बचकर डिजिटल माध्यमों से एक साथ हजारों लोगों तक पहुंचा जा रहा है।
युवाओं पर फोकस: सोशल मीडिया के जरिए प्रवासियों और नौकरीपेशा युवाओं को जोड़ना आसान हो गया है।
AI की मदद: नारों से लेकर पोस्टर्स के डिजाइन तक, सब कुछ अब चंद सेकंड्स में AI टूल्स से तैयार हो रहा है।
हालांकि, बुजुर्ग वोटर्स के बीच आज भी व्यक्तिगत मेल-मिलाप की अपनी अहमियत है, लेकिन जिस तरह से चुनावी फिजा में तकनीक का दखल बढ़ा है, उसने पंचायत चुनावों को पूरी तरह 'स्मार्ट इलेक्शन' की दिशा में मोड़ दिया है।
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