Ashwani Bhardwaj / Fri, Apr 24, 2026 / Post views : 100
अपने गीतों, लेखनी, समाजसेवा और नई सोच के लिए पहचाने जाने वाले अश्वनी भारद्वाज (अनु देओली आला) ने पंचायती राज व्यवस्था को भारत के लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव बताया है। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही देश की असली तरक्की है और पंचायतें उसी विकास का सबसे बड़ा माध्यम हैं।
📜 उन्होंने बताया कि पंचायतों का इतिहास बेहद गौरवशाली है।
भारत में प्राचीन काल से ही गांवों में पंचों द्वारा फैसले लेने की परंपरा रही है। आधुनिक पंचायती राज व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर से हुई थी।
इसके बाद 73वां संविधान संशोधन 1992 में पारित हुआ और 24 अप्रैल 1993 से पंचायतों को संवैधानिक अधिकार मिले। इसी कारण हर वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
🏛️ पंचायती राज की तीन स्तरीय व्यवस्था:
✅ ग्राम पंचायत
✅ पंचायत समिति (BDC)
✅ जिला परिषद
🔥 अनु देओली आला ने कहा:
“पंचायत चुनाव सिर्फ पद पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा और गांव की तस्वीर बदलने का अवसर है। हमें ऐसे प्रतिनिधि चुनने चाहिए जो पढ़े-लिखे, ईमानदार, जागरूक और विकासशील सोच वाले हों।”
📌 उन्होंने पंचायतों के मुख्य कार्य भी बताए:
✔️ गांव में सड़क, पानी, सफाई और रोशनी
✔️ युवाओं के लिए रोजगार व खेल सुविधाएं
✔️ महिलाओं को सम्मान और भागीदारी
✔️ गरीब परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ
✔️ गांव की समस्याओं का गांव में समाधान
🌾 अंत में उन्होंने कहा:
“जब पंचायत मजबूत होगी, तब गांव मजबूत होगा… और जब गांव मजबूत होगा, तब भारत विश्व में सबसे आगे होगा।”
— अश्वनी भारद्वाज (अनु देओली आला)
जाने-माने म्यूजिक कंपोज़र | लेखक | सोशल एक्टिविस्ट |
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