राजधानी में दिवाली पर पिछले सालों के मुकाबले अधिक शोर सुनाई दिया। इस साल शिमला में दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण का स्तर 74.4 डेसिबल था। पिछले साल के मुकाबले ध्वनि प्रदूषण 4.6 डेसिबल अधिक रहा। नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ और राजधानी में देर रात तक पटाखों के फटने की आवाज सुनाई देती रही।